पञ्चाङ्ग, जिसे पञ्चाङ्गम् भी कहा जाता है, वैदिक ज्योतिष के पाँच अङ्गों – तिथि, नक्षत्र, योग, करण तथा वार, अर्थात् सप्ताह के दिन को दर्शाने हेतु उपयोग में लाया जाता है। इन पाँचों तत्वों के संयोग को पञ्चाङ्ग कहा जाता है। चन्द्रमा एवं सूर्य की गति के अनुसार ये पाँचों तत्व प्रतिदिन परिवर्तित होते रहते हैं। अतः हिन्दु धर्मावलम्बी प्रतिदिन पञ्चाङ्ग का अध्ययन करते हैं। पञ्चाङ्ग को हिन्दु कैलेण्डर के नाम से भी जाना जाता है।
द्रिक पञ्चाङ्ग इन्टरनेट पर उपलब्ध सर्वाधिक प्रतिष्ठित पञ्चाङ्गों में से एक है। यह अब एन्ड्रॉइड (Android) उपकरणों के लिये भी उपलब्ध है, जिसकी विशेषतायें एवं सटीकता www.DrikPanchang.com के समान ही हैं। यह एक देशज एवं स्थानीय पञ्चाङ्ग, जिसका उपयोग करने के लिये इन्टरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता नहीं होती तथा यह निम्नलिखित विशेषताओं के साथ आता है -
ग्रिड कैलेण्डर - इस ग्रिड को हिन्दु चन्द्र कैलेण्डर तथा बंगाली पञ्जिका, मलयालम पञ्चाङ्गम्, ओड़िया पञ्जी एवं तमिल पञ्चाङ्गम् सहित विभिन्न सौर कैलेण्डरों के लिये भी अनुकूलित किया जा सकता है।
पञ्चाङ्ग, जिसे पञ्चाङ्गम् भी कहा जाता है, वैदिक ज्योतिष के पाँच अङ्गों – तिथि, नक्षत्र, योग, करण तथा वार, अर्थात् सप्ताह के दिन को दर्शाने हेतु उपयोग में लाया जाता है। इन पाँचों तत्वों के संयोग को पञ्चाङ्ग कहा जाता है। चन्द्रमा एवं सूर्य की गति के अनुसार ये पाँचों तत्व प्रतिदिन परिवर्तित होते रहते हैं। अतः हिन्दु धर्मावलम्बी प्रतिदिन पञ्चाङ्ग का अध्ययन करते हैं। पञ्चाङ्ग को हिन्दु कैलेण्डर के नाम से भी जाना जाता है।
द्रिक पञ्चाङ्ग इन्टरनेट पर उपलब्ध सर्वाधिक प्रतिष्ठित पञ्चाङ्गों में से एक है। यह अब एन्ड्रॉइड (Android) उपकरणों के लिये भी उपलब्ध है, जिसकी विशेषतायें एवं सटीकता www.DrikPanchang.com के समान ही हैं। यह एक देशज एवं स्थानीय पञ्चाङ्ग, जिसका उपयोग करने के लिये इन्टरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता नहीं होती तथा यह निम्नलिखित विशेषताओं के साथ आता है -
ग्रिड कैलेण्डर - इस ग्रिड को हिन्दु चन्द्र कैलेण्डर तथा बंगाली पञ्जिका, मलयालम पञ्चाङ्गम्, ओड़िया पञ्जी एवं तमिल पञ्चाङ्गम् सहित विभिन्न सौर कैलेण्डरों के लिये भी अनुकूलित किया जा सकता है।
कुण्डली सपोर्ट - द्रिक पञ्चाङ्ग कुण्डली सुविधा के साथ आता है, जिससे किसी भी दिनाँक, समय एवं स्थान के लिये लग्न, सूर्य, चन्द्र, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु आदि नवग्रहों के लिये कुण्डली बनायी जा सकती है। इसके अतिरिक्त D1 से D60 चार्ट सहित भाव चलित चार्ट भी बनाया जा सकता है।
दैनिक पञ्चाङ्गम् - पञ्चाङ्ग के पाँच मुख्य तत्वों के अतिरिक्त, विस्तृत दैनिक पञ्चाङ्ग में पञ्चक, गण्ड मूल, भद्रा, विंछुड़ो एवं सभी शुभ योग जैसे रवि, अमृत, सर्वार्थ सिद्धि, त्रिपुष्कर, द्विपुष्कर, रवि पुष्य तथा गुरु पुष्य आदि सूचिबद्ध होते हैं।
मुहूर्त तालिका - द्रिक पञ्चाङ्ग में दिवस एवं रात्रि चौघड़िया, शुभ होरा, उदय लग्न तथा पञ्च पक्षी आदि मुहूर्त भी सम्मिलित हैं। प्रत्येक वर्तमान मुहूर्त को काउन्टडाउन टाइमर के साथ दर्शाया जाता है।
प्रश्नावली - राम शलाका, गणेश प्रश्नावली, दुर्गा प्रश्नावली तथा हनुमान प्रश्नावली आदि हिन्दु धर्म में अत्यन्त प्रचलित प्रश्नावली प्रदान की गयी हैं। इन प्रश्नावलियों की सहायता से आप अपने गूढ़ प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर सकते हैं।
दिशा यन्त्र - वास्तु शास्त्र पर आधारित 8 दिशाओं वाला द्रिक कम्पास प्रदान किया गया है। इस दिशा यन्त्र में गूगल मैप, कैमरा तथा स्नैपशॉट आदि के विकल्प भी उपलब्ध हैं।
द्रिक क्लाउड सिंक - द्रिक पञ्चाङ्ग ऐप क्लाउड सिंक की सुविधा भी प्रदान करता है। क्लाउड सिंक की सहायता से आप वास्तविक समय में भिन्न-भिन्न डिवाइस पर ऐप में अपने विवरण का अवलोकन कर सकते हैं। आप अपनी कुण्डली तथा जन्म विवरण आदि का नवीनतम संस्करण किसी भी डिवाइस में एक्सेस कर सकते हैं।
तिथि जोड़ें - उपयोगकर्ता द्वारा परिभाषित तिथि को पञ्चाङ्ग में हिन्दु तिथि या ग्रेगोरियन दिनाँक के अनुसार पुनरावर्ती अनुस्मारक (रिमाइन्डर) के साथ जोड़ा जा सकता है।
स्थानीयकरण - यह ऐप बंगाली, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, तमिल तथा तेलुगु सहित सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है, जिसमें अंग्रेज़ी डिफ़ॉल्ट भाषा है।
स्थान - पञ्चाङ्ग को विश्व के किसी भी स्थान अथवा नगर के अनुसार निर्मित किया जा सकता है, जिससे उपवास एवं त्यौहारों के सटीक दिन ज्ञात किये जा सकते हैं। ऐप में इन-बिल्ट DST सपोर्ट है, अतः DST के अनुसार समय को समायोजित करने की आवश्यकता नहीं है।
पिछली बार अपडेट होने की तारीख
9 फ़र॰ 2026