स्वामी विवेकानन्द की वाणी (Hindi Sahitya): Swami Vivekanand Ki Vani (Hindi Wisdom Bites)

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 युवाओं के मन की शक्तियों को जगाने के लिए, अन्तर्निहित आत्मविश्वास और साहस का अवलम्बन कर वे अपने जीवन की समस्याओं का सामना कर सकें, अपने हृदय को प्रेम और सहानुभूति से परिपूर्ण कर सकें, युवाओं को श्रेष्ठ नैतिक जीवनयापन की प्रेरणा प्रदान करने के लिए एवं जीवन में आनेवाली कठिनाइयों और असहाय परिस्थितियों के समय सही पथ-प्रदर्शन करने में सहायक हैं। फ्रान्स के महान विद्वान् एवं नोबल पुरस्कार विजेता रोमाँ रोलाँ ने स्वामीजी के उपदेशों के विषय में लिखा है - ''शरीर में विद्युस्पर्श के-से आघात की सिहरन का अनुभव किए बिना, मैं उनकी उस वाणी का स्पर्श नहीं कर सकता।'
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Additional Information

Publisher
Ramkrishna Math
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Published on
Dec 18, 2013
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Pages
35
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ISBN
9781613012666
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Language
Hindi
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Genres
Foreign Language Study / Hindi
Self-Help / Personal Growth / Self-Esteem
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स्वामी विवेकानन्द ने भारत के पुनरुत्थान तथा विश्व के उद्धार के लिए जो महान् कार्य किया, वह सभी को विदित है। वे चैतन्य एवं ओजशक्ति की सजीव मूर्ति थे। उनका दिव्य व्यक्तित्व उनकी वाणी मे प्रकट होता है। उनकी प्रतिभा सर्वतोमुखी थी। अत: उनके श्रीमुख से समय-समय पर जो सूक्तियाँ और सुभाषित प्रकट हुए हैं, वे सब अत्यन्त सारगर्भित, उद्बोधक तथा स्कूर्तिदायक हैं एवं अन्यत्र न पाये जाने वाले अनेक मौलिक विचारों से परिपूर्ण होने के नाते ये 'सूक्तियाँ एवं सुभाषित, विवेकानन्द-साहित्य में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। धर्म, संस्कृति, समाज, शिक्षा प्रभृति सभी महत्वपूर्ण विषयों से सम्बन्धित ये मौलिक विचार जीवन को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। उच्चतम आध्यात्मिक अनुभूति पर आधारित ये विचार व्यक्तिगत जीवन और सामूहिक कार्यों में उचित परिवर्तन के निमित्त तथा जीवन के सर्वांगीण विकास के हेतु निश्चित ही विशेष हितकारी सिद्ध होगे।
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