वेदान्त व्यवहार में: Vedanta Vyavahar Me

· Ramakrishna Math, Dhantoli, Nagpur
5.0
2 reviews
Ebook
52
Pages

About this ebook

जब भी कोई धार्मिक निर्देश दिये जाते हैं तो उसमें सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह होती है कि उन आदर्शों को व्यवहार में हम कैसे ला सकेंगे। कभी-कभी लोग यह अनुमान कर लेते हैं कि उन्होंने आदर्श समझ लिये हैं और वे उनके विषय में लम्बी-चौड़ी बातें भी कर लेते हैं और उनकी धारणा होती है कि इसके अलावा कुछ भी करना आवश्यक नहीं है। यह तो बड़ी भारी भूल ही है जैसे मेज पर स्वादिष्ट पकवान रखे हुए देखने मात्र से ही क्षुधा निवारण तो नहीं हो जाता न! जब तक हम उन पकवानों को खाकर हजम नहीं कर लेते और वह अपने शरीर का “अभिन्न अंग नहीं बन जाता, तब तक जगत् के सभी पकवान हमारे लिए कोई महत्त्व नहीं रखते।

इन व्याख्यानों का उद्देश्य यह है कि हम वेदान्त के सिद्धान्तों को भली-भाँति समझ सकें, जिससे वह हमारे दैनन्दिन जीवन में घुल-मिल जाएँ; जन सामान्य को यह सिखलाना कि इन सिद्धान्तों को किस तरह हम व्यवहार में ला सकते हैं और प्रत्येक क्षण अपने अस्तित्व के साथ हम इन्हें लेकर जी सकते हैं। जब हम इन विचारों को हमारे भीतर आत्मसात् कर लेंगे, तभी उनका पोषण होगा और वे हमारी आध्यात्मिकता को दृढ़ बनाएँगे।, उसी तरह जैसे भोजन करने से हमारा शरीर हृष्ट-पुष्ट होता है। वेदान्त बहुत ही व्यावहारिक सिद्धान्त है, और इन पाँचों व्याख्यानों को कुछ इस तरह सजाया गया है कि पाठक इन सत्यों को अपने जीवन में उतार सकेंगे जिसे वक्ता ने समझकर उनके समक्ष रखे हैं। लेखक ने इन वेदान्त के विचारों को अनुरोध करने के कारण ही मुक्तहस्त प्रदान किये थे। उन्होंने इन विचारों को इस आशा से दिये थे कि इनके द्वारा कतिपय लोगों का कल्याण तो अवश्य ही होगा।”



Discover more

Ratings and reviews

5.0
2 reviews
Mangesh Maharaj
October 1, 2022
Very insightful description on practical Vedanta, Thanks
Did you find this helpful?
Hemraj Yadav
February 14, 2025
motivational and spritual
Did you find this helpful?

Rate this ebook

Tell us what you think.

Reading information

Smartphones and tablets
Install the Google Play Books app for Android and iPad/iPhone. It syncs automatically with your account and allows you to read online or offline wherever you are.
Laptops and computers
You can listen to audiobooks purchased on Google Play using your computer's web browser.
eReaders and other devices
To read on e-ink devices like Kobo eReaders, you'll need to download a file and transfer it to your device. Follow the detailed Help Center instructions to transfer the files to supported eReaders.