एक अहसास (Hindi Sahitya): Ek Ehsas (Hindi Stories)

Bhartiya Sahitya Inc.
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वास्तव में शून्य से उकेर कर कुछ काल्पनिक प्रसंगों के ताने-बानों के इर्द-गिर्द एक धाराप्रवाह कड़ी के रूप में अपनी बात को पाठकों के सम्मुख प्रस्तुत करना ही शायद कहानी की रचना करना है। इसे मैंने विविध कहानियों की रचना करते हुये महसूस किया। मैं नहीं जानता कि अपनी इन सभी कहानियों में पाठकों को बांधे रखने में, मैं कहां तक सफल हो सका या फिर अपनी बात कहने में कितना समर्थ हो सका। लेकिन मां सरस्वती की कृपा एवं माता-पिता सहित विद्वतजनों के आशीर्वाद से जितना संभव हो सकता था, कोशिश की। वैसे भी, कोई भी रचना किसी व्यक्ति विशेष की कृति नहीं होती, यह तो मां सरस्वती की महती कृपा होती है। एक रचनाकार तो केवल हेतु की तरह होता है। मैंने भी समाज के सम्मुख फैली विभिन्न विसंगतियों को आपके सम्मुख प्रस्तुत करने, एक हेतु बनने का प्रयास किया है।
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Additional Information

Publisher
Bhartiya Sahitya Inc.
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Published on
Jan 1, 2014
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Pages
147
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ISBN
9781613012444
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Language
Hindi
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Genres
Fiction / Short Stories (single author)
Foreign Language Study / Hindi
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भारत में 1 जुलाई, 2017 से GST लागू हो गया है। जीएसटी (GST), भारत के कर ढांचे में सुधार का एक बहुत बड़ा कदम है। वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Service Tax) एक अप्रत्यक्ष कर कानून है, (Indirect Tax) है। जीएसटी एक एकीकृत कर है, जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। जीएसटी लागू होने से पूरा देश, एकीकृत बाजार में तब्दील हो जाएगा और ज्यादातर अप्रत्यक्ष कर, जैसे-केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise), सेवा कर (Service Tax), वैट (Vat), मनोरंजन, विलासिता, लॉटरी टैक्स आदि जीएसटी में समाहित हो जाएंगे। इससे पूरे भारत में एक ही प्रकार का अप्रत्यक्ष कर लगेगा।

यह पुस्तक एक आम पाठक से लेकर प्रत्येक करदाता के लिए एक मार्गदर्शिका का काम करेगी, जो उनके सामने आने वाली तमाम तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करेगी।
 राजन, सीतलवादी में एक कंपनी में काम की तलाश में जाता है। वहां एक दिन रास्ते में वह एक लड़की से टकरा जाता है। जिसका नाम पार्वती है। वह दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं और शादी करना चाहते हैं। लेकिन जब यह बात लड़की के बाबा को पता चलती है। तो वह यह आघात बर्दाश्त नहीं कर पाते और मरने से पहले पार्वती का विवाह कंपनी के मैनेजर हरीश से तय कर जाते हैं। एक दिन रस्सी का पुल पार करते हुए हरीश का पैर फिशलता है और वह मर जाता है। पार्वती, राजन को हरीश का जिम्मेदार ठहराती है क्योंकि घटना के समय राजन भी वही मौजदू होता है। क्या वास्तव में ही राजन हरीश की मौत का जिम्मेदार था ? क्या पार्वती के विधवा होने पर राजन ने फिर उससे विवाह किया ? क्या पार्वती ने अपने पति की मौत का बदला लिया ? दो तड़पते दिलों की कहानी जिसे लोकप्रिय उपन्यासकार गुलशन नंदा ने लिखा है।
शिवानी की पहली रचना अल्मोड़ा से निकलने वाली ‘नटखट’ नामक एक बाल पत्रिका में छपी थी। तब वे मात्र बारह वर्ष की थीं। इसके बाद वे मालवीय जी की सलाह पर पढ़ने के लिए अपनी बड़ी बहन जयंती तथा भाई त्रिभुवन के साथ शान्तिनिकेतन भेजी गईं, जहाँ स्कूल तथा कॉलेज की पत्रिकाओं में बांग्ला में उनकी रचनाएँ नियमित रूप से छपती रहीं। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर उन्हें ‘गोरा’ पुकारते थे। उनकी ही सलाह, कि हर लेखक को मातृभाषा में ही लेखन करना चाहिए, शिरोधार्य कर उन्होंने हिन्दी में लिखना आरम्भ किया। ‘शिवानी’ की पहली लघु रचना ‘मैं मुर्गा हूँ’ 1951 में धर्मयुग में छपी थी। इसके बाद आई उनकी कहानी ‘लाल हवेली’ और तब से जो लेखन-क्रम शुरू हुआ, उनके जीवन के अन्तिम दिनों तक अनवरत चलता रहा। प्रस्तुत संग्रह में उनकी सात कहानियों का प्रकाशन किया जा रहा है।
 यह पुस्तक भारतीय इतिहास की अद्भुत झांकी का प्रथम खंड हैं, जिसमें स्पष्टतः बताया गया है कि हमारे देश की अंतःचेतना ने कभी गुलामी स्वीकार नहीं की। भारत सन् 712 से लेकर सन 1947 तक विदेशी सत्ता से संघर्ष करता रहा। इस  श्रृंखला को 6 खंडों में प्रस्तुत किया गया है। प्रथम खंड में सन् 712 से सन 1206 तक की घटनाओं का उल्लेख किया गया हैं जिसे पढ़कर समझा जा सकता है कि सम्पूर्ण भारतवर्ष कभी गुलाम नहीं रहा, अपितु सदियों तक गुलामी से लड़ता रहा। ऐसा गौरवपूर्ण इतिहास इस भूमंडल के किसी भी देश का नही हैं। सरल भाषा और विषयवस्तु के कारण यह पुस्तक अनूठी बन गई है।


भारतीय संस्कृति के अध्येता एवं उद्भट्ट प्रस्तोता राकेश कुमार आर्य हिन्दी दैनिक ‘उगता भारत’ के मुख्य संपादक हैं। 17 जुलाई, 1967 को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्धनगर के महावड ग्राम में जन्मे श्री आर्य का लेखन पूर्णतः राष्ट्रवादी है, जिसके लिए राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह सहित कई संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित भी किया है। उनकी अब तक दो दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें प्रमुख हैं-वैदिक संस्कृति में साम्यवाद के मूल तत्व, भारतीय छात्र-धर्म और अहिंसा, इस्लाम संदेहों के घेरे में, भारतीय मुसलमानों के हिन्दू पूर्वज मुसलमान कैसे बने?, मूर्ख बनाओ मौज उड़ाओः भाग-1, 2, 3, स्वातंत्र वीर सावरकर व्यक्तित्व और चिंतन, हिन्दू महासभा और काँग्रेस का इतिहास, राष्ट्र की चुनौतियां और उनके समाधान, राष्ट्र चिंतन के राजपथ पर, भारत में मानवाधिकार इतिहास और स्वरूप आदि। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए कृत संकल्प श्री आर्य के चिंतन में प्राचीन संस्कृति और गौरवपूर्ण इतिहास के प्रति असीम अनुराग हैं, विचारों का अथाह सागर उन्हें लेखनी उठाने के लिए प्रेरित करता है।

 This collection of poems is a shining jewel in the crown of the poet, Rakesh Kumar Verma who is also an artist whose expression in the form of poems and arts represents the modern life and the ray of hope for humanity. His poems have deep impact on the mind of the readers. The original theme of this book is to inspire the people in all phases of life, whether it is the love, or job, or the true senses of life. Book stands as a real fellow in supporting the emotional and extra-temperamental situation of human, whenever they require. The readers can easily connect his poem to their life.

 

This collection of poems is divided into six sections, namely, Section: A “Guidance & Inspiration for Success in Job”, which is a good collection of poems which will inspire the readers to excel in their life. The poet has tried to relieve human from the tiresome work-life. This section guides the reader through the long journey of life by describing the meaning of work, and suggesting the ways of success in their causes. The book provides guidance and motivation to beginners and shows the right ways to achieve their goals by pouring their efforts in the right phase of wok.

 

Section: B “Harmony of Thoughts” will take to the new level of thinking and perception of the world. The poet has penned some of the poems which will give you peace of mind or you feel relaxed after reading them. He also mentioned the effect of being hopeless and thoughtfulness on the life. 

 

Section: C “The Life”. In this section the poet has tried to define life in his own poetic way which is unparalleled in the world of poetry. Book picked some of the really good point regarding life, and expressed them in a poetic way.

 

Section: D “Digging Myself”. This section of the poem is about self-exploration and introspection wherein poets look back to his deed and re-interpret the life. He suggests the ways to life by looking inside their heart, and analyzing their own to explore that they are and can be.

 

Section: E “Love Affairs”. This section shows the youthful expression of the emotion of the love experience by poet in his life and gives a way to understand real meaning of love, when someone got hurt due to break-up. He also motivates youths to emerge from this emotional stage to boost them.

Section: F “Revolution”. This section expresses the poet’s way of revolution in the life and this is really exceptional work of poet. The book tells about the real meaning of revolution which author encountered in last few years, and looked them as a revolutionary act in the individual’s life.

Hope you will enjoy reading this collection of poems. 

 अकबर का राज्य संपूर्ण भारत पर तो छोड़िए आधे भारत पर भी नहीं रहा, पर उसे हिंदुस्तान का सम्राट कहा जाता है। दूसरी ओर भारत के अंतिम हिंदू सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य को भुला दिया जाता है, जिसने अपने जीवन में 20 से अधिक युद्धों में विदेशी हमलावरों को पराजित किया था और जिसका दिल्ली ने वास्तविक सम्राट के रूप में स्वागत किया था।
 

कहने का अभिप्राय है कि भारत के शौर्य ने जैसे अब से पूर्व के सुल्तानों को निशंक शासन नहीं करने दिया था, वैसे ही उसने बाबर, हुमायूं, शेरशाह, अकबर और जहांगीर को भी निशंक शासन नहीं करने दिया। सर्वत्र विरोध, प्रतिरोध और प्रतिशोध की त्रिवेणी बहती रही और हिन्दू अपने धर्म और देश की रक्षा के लिए निरंतर सचेष्ट और क्रियाशील रहा...उसकी तलवार को और उसकी हुंकार को इतिहास की आत्मा ने सदा नमन किया है।
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