हिन्दू धर्म में नारी की महिमा

Agniveer
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जीवन की सर्जक, राष्ट्र की मार्गदर्शक, समाज का विकास करनेवाली और परिवार को सँभालनेवाली, इन सब के अनूठे मेल की प्रतिमा है – नारी!

आपने आधुनिकता और स्वतंत्रता के नाम पर आधुनिक समाज द्वारा स्त्रियों का शोषण करने वाले ग्रन्थ पढ़े होंगे, कुछ पुस्तकें ऐसी भी पढ़ी होंगी जो कुछ सम्प्रदायों द्वारा स्त्रियों की स्वतंत्रता और उनके अस्तित्व पर प्रतिबन्ध लगाती होंगी। आपने ऐसे समुदायों को देखा भी होगा जो कि स्त्रियों को उनकी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं करने देते। या फिर हो सकता है कि आपने कुछ नारीवादी ग्रन्थ भी पढ़े हों।

परन्तु, स्त्रियों को इतनी स्पष्ट रूप से समृद्ध समाज की आधारशिला कहने वाला ग्रन्थ वेदों के अतिरिक्त आप कहीं नहीं पा सकते! वेद स्त्रियों को सर्वोच्च सम्मान और सम्पूर्ण अधिकार प्रदान करते हैं। कोई आधुनिक स्त्रीवादी ग्रन्थ इस उच्चता तक नहीं पहुँचता।

‘हिन्दू धर्म में नारी की महिमा’ यह पुस्तक – ‘हिन्दू धर्म को जानें’ इस श्रृंखला की तीसरी कड़ी है और नारी का महिमा गान करते हुए वैदिक मन्त्रों का संकलन है। जैसे –

-नारी मनुष्य की प्रथम शिक्षिका है और उस महान सहनशक्ति का प्रमाण है जो समाज के अस्तित्व के लिए अति आवश्यक है।

-एक सुशिक्षित नारी सशक्त समाज का निर्माण करती है और यदि स्त्रियां अशिक्षित रह जाएँ तो समाज में आसुरीपन बढ़ जाता है।

-मान लीजिए यदि कभी ऐसा हो कि धरती से सभी पुरुष लुप्त हो जाएँ, तब भी समाज जिन्दा रहेगा क्योंकि कई स्त्रियों के गर्भ में जीवन पल रहा होगा। परन्तु, यदि कभी सारी स्त्रियां विलुप्त हो जाएँ तो धरती से जीवन ही मिट जायेगा।

इस पुस्तक को पढ़ने पर आप यह जानेंगे कि मां, बहन, पत्नी और बेटी आपके जीवन में ईश्वर की सर्वोत्तम देन हैं। इस पुस्तक को पढ़कर समाज इस सच्चाई से अवगत होगा कि एक सुखी- समृद्धिशाली समाज बनाने के लिए स्त्रियों की करुणा, बुद्धिमत्ता और सबका ध्यान रखने की उनकी विशेषता कितनी आवश्यक है। साथ ही, राष्ट्रों के बीच की दूरियां घटाने में स्त्रियों की निर्णायक भूमिका से राष्ट्र भी अवगत होगा।

इस पुस्तक से प्राप्त होने वाली धनराशी का उपयोग स्त्रियों के सशक्तीकरण में किया जायेगा।

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About the author

संजीव नेवर वेद, गीता और हिन्दू धर्म के यौगिक विद्वान हैं। वे वेद, योग, आध्यात्म और हिन्दू धर्म विषयक भ्रांतियों का निराकरण करनेवाली अनेक सुप्रसिद्ध पुस्तकों के लेखक हैं। वे अग्निवीर के संस्थापक हैं जो कि जाति, लिंग, क्षेत्र और मत-मतान्तरों की समानता के लिये देश-विदेश में कार्यरत एक आध्यात्मिक मुहिम है। वे जनजातीय इलाकों में जातिगत समानता का प्रसार करनेवाले अग्निवीर के उपक्रम 'दलित-यज्ञ' के प्रवर्तक हैं। वे एक भावनाशील कवि एवं वाग्मी हैं।  वे आत्महत्या की ओर प्रवृत्त और अवसाद ग्रस्त युवाओं को निराशा के अंधेरे से बाहर निकाल, जीवन की ओर प्रेरित करने वाले तज्ञ हैं। वे आईआईटी और आईआईएम के भूतपूर्व छात्र और विख्यात डेटा साइंटिस्ट हैं जिन्हें रिस्क मैनेजमेंट में महारत हासिल है।

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Additional Information

Publisher
Agniveer
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Published on
Dec 1, 2017
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Pages
57
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Features
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Language
Hindi
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Genres
Foreign Language Study / Hindi
Religion / Christian Life / Women's Issues
Religion / Hinduism / Rituals & Practice
Religion / Hinduism / Sacred Writings
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