अमेरिका में अनेक व्याख्यान देने के पश्चात् सन् 1895 में स्वामी विवेकानन्द ‘सहस्रद्वीपोद्यान’ नामक शान्त और एकान्त स्थान में चले गये थे। यह स्थान न्यूयार्क के सन्निकट है। उनके कुछ शिष्य इस शान्त वातावरण में स्वामीजी के सान्निध्य का लाभ उठाने की दृष्टि से उनके साथ रहे। वहाँ स्वामीजी ने कुछ सप्ताह निवास किया था। इसी समय आप अपने शिष्यों को प्रतिदिन आध्यात्मिक विषयों पर उपदेश दिया करते थे, जो उनकी एक शिष्या कुमारी एस्. ई. वाल्डो, न्यूयार्क, ने लिख लिये थे। बाद में वे `Inspired Talks' नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुए। प्रस्तुत पुस्तक उसी का हिन्दी रूपान्तर है। इन उपदेशों में स्वामीजी का द्रष्टा एवं आदर्श गुरु-रूप उद्घाटित होता है। हृदय से उद्भूत होने के कारण इनमें स्वामीजी की दिव्य प्रज्ञा तथा अनुभूति की गहनता भी प्रतीत होती है।
अमेरिका में अनेक व्याख्यान देने के पश्चात् सन् 1895 में स्वामी विवेकानन्द ‘सहस्रद्वीपोद्यान’ नामक शान्त और एकान्त स्थान में चले गये थे। यह स्थान न्यूयार्क के सन्निकट है। उनके कुछ शिष्य इस शान्त वातावरण में स्वामीजी के सान्निध्य का लाभ उठाने की दृष्टि से उनके साथ रहे। वहाँ स्वामीजी ने कुछ सप्ताह न...