Ekanki Suman

Vikas Publishing House
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एकांकी सुमन आई.सी.एस.ई. द्वारा 2008 की बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यपुस्तक पर आधारित है। छात्रों के मानसिक स्तर के अनुरूप इसे सरल और सुगम बनाने का प्रयास किया गया है।
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5.0
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Additional Information

Publisher
Vikas Publishing House
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Pages
169
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ISBN
9788125917342
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Best For
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Language
Hindi
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Genres
Foreign Language Study / Hindi
Language Arts & Disciplines / General
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'श्रीमद्भगवद्गीता' आनन्दचिदघन, षडैश्वर्यपूर्ण, चराचरवन्दित, परमपुरुषोत्तम साक्षात् भगवान् श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी है। यह अनन्त रहस्यों से पूर्ण है। परम दयामय भगवान् श्रीकृष्ण की कृपा से ही किसी अंश में इसका रहस्य समझ में आ सकता है। जो पुरुष परम श्रद्धा और प्रेममयी विशुद्ध भक्ति से अपने हृदय को भरकर भगवद्गीता का मनन करते हैं, वे ही भगवत्कृपा का प्रत्यक्ष अनुभव करके गीता के स्वरूप की किसी अंश में झाँकी कर सकते हैं। अतएव अपना कल्याण चाहनेवाले नर-नारियों को उचित है कि वे भक्तवर अर्जुन को आदर्श मानकर अपने में अर्जुन के-से दैवी गुणों का अर्जन करते हुए श्रद्धा-भक्तिपूर्वक गीता का श्रवण, मनन, अध्ययन करें एवं भगवान् के आज्ञानुसार यथायोग्य तत्परता के साथ साधन में लग जायँ। जो पुरुष इस प्रकार करते हैं, उनके अन्तःकरण में नित्य नये-नये परमानन्ददायक अनुपम और दिव्य भावों की स्फुरणाएँ होती रहती हैं तथा वे सर्वथा शुद्धान्तःकरण होकर भगवान् की अलौकिक कृपासुधा का रसास्वादन करते हुए शीघ्र ही भगवान् को प्राप्त हो जाते हैं।
मधुकलश सहायक पुस्तकमाला का निर्माण बच्‍चों में पढ़ने की रुचि जगाने, जिज्ञासा उत्पन्न करने और कल्पना की उड़ान भरने में सहायता देने के लिए किया गया है। इस पाठमाला का उद्देश्य छात्रों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराने, साहित्य के प्रति रुचि जाग्रत करने, उनमें नैतिक मूल्यों का विकास करके, उनकी व्यवहार कुशलता बढ़ाने के साथ ही उनके शब्द भंडार में वृद्धि करना भी है। पुस्तक के अंत में दिए गए शब्दांश और प्रश्‍न-बोध छात्रों को अपठित गद्यांश हल करने में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। जहाँ कक्षा 1–5 की पुस्तकों में खेल-खेल में और आओ कुछ करें जैसे रोचक विषय हैं वहीं कक्षा 6–8 की पुस्तकों में लघुकथाओं, हास्य-व्यंग्य के पिटारे के साथ ही पाठ से संबंधित अतिरिक्‍त क्रिया-कलापों को भी स्‍थान दिया गया है। इसे A Happy mix of fun, reading pleasure और Learning कह सकते हैं। इस श्रृंखला का संपादन मधुबन के वरिष्‍ठ संपादक मंडल ने किया है।
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