हिन्दू धर्म के दलित

Agniveer
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 मेरे जन्म पर मेरा अधिकार नहीं था। पर अपनी मृत्यु को मैं निश्चित ही चुन सकता हूं। मैं धरती पर अपने जन्म का कारण नहीं जानता, पर मैं अपने जीवन का उद्देश्य निश्चित ही जानता हूं।

यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए है जो उच्चतम सोपान को पाने की अभिलाषा रखता है। इस पुस्तक को पढ़कर आप यह जानेंगे कि कोई व्यक्ति उसके जन्म या माता-पिता या परिवार या रंग या नस्ल या पंथ या लिंग या मज़हब के कारण श्रेष्ठ नहीं होता, बल्कि उसे श्रेष्ठ बनाते हैं – उसके उच्च कर्म, उसका उज्जवल चरित्र और उसकी तेजस्विता।

यह पुस्तक हिन्दू-समाज में व्याप्त जन्म-आधारित जाति व्यवस्था को संबोधित करती है। यह पुस्तक इस धरा की प्राचीनतम सभ्यता – हिन्दू सभ्यता के सदियों तक पादाक्रांत होने, लुटने और तहस-नहस होने के कारणों पर प्रकाश डालती है।

कभी इस धरा के लगभग आधे हिस्से पर बसनेवाली सभ्यता आज एक उपमहाद्वीप के आधे हिस्से तक सिमट कर रह गई है। गलती कहां हुई?

सम्पूर्ण चराचर के प्राणियों को एक परमपिता परमेश्वर की संतान मानने वाले एकमात्र धर्म पर आज उन्हीं में से कुछ संतानों को दलित बनाने का लांछन लगाया जा रहा है। दलित कौन हैं? हिन्दू धर्म के अछूत? उन्हें अछूत बनाया किसने? क्या वे कभी मुख्यधारा में जुड़ेंगे भी या सदा के लिए विस्मृति की गर्त में ही रह जाएंगे? क्या भारतवर्ष इसी जीर्णशीर्ण दशा में रहेगा या इससे उबरेगा भी?

यह पुस्तक जाति-व्यवस्था के सभी ज्वलंत प्रश्नों को संबोधित कर उनका समाधान प्रस्तुत करती है। भारत की एकता और अस्तित्व के लिए यह पुस्तक अति आवश्यक है।

कृपया ध्यान दें: यदि आप हमारी पुस्तक “हिन्दू धर्म में जाति-व्यवस्था नहीं” पहले ही खरीद चुके हैं, तो आपको इसे ख़रीदने की आवश्यकता नहीं क्योंकि इसमें लगभग वही विषय-वस्तु है। यह उसी पुस्तक का अलग शीर्षक के साथ नवीनतम संस्करण है।

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About the author

Sanjeev Newar is a prolific writer, speaker, entrepreneur and leader. He is a data scientist by profession. His thorough analytical skills are evident in his writings as well as products. His risk management products have been named in top 20 of the world for 2014, 2015 and 2016. He is the only Indian to have made to this list. He has been behind several inclusive and encompassing innovations. He is a mentor to several eminent young scientists of the country. Sanjeev Newar is an alumnus of IIT Guwahati and IIM Calcutta.

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Additional Information

Publisher
Agniveer
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Published on
Dec 1, 2017
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Pages
152
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Features
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Language
Hindi
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Genres
Foreign Language Study / Hindi
Religion / Hinduism / General
Religion / Hinduism / Rituals & Practice
Religion / Hinduism / Sacred Writings
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जीवन की सर्जक, राष्ट्र की मार्गदर्शक, समाज का विकास करनेवाली और परिवार को सँभालनेवाली, इन सब के अनूठे मेल की प्रतिमा है – नारी!

आपने आधुनिकता और स्वतंत्रता के नाम पर आधुनिक समाज द्वारा स्त्रियों का शोषण करने वाले ग्रन्थ पढ़े होंगे, कुछ पुस्तकें ऐसी भी पढ़ी होंगी जो कुछ सम्प्रदायों द्वारा स्त्रियों की स्वतंत्रता और उनके अस्तित्व पर प्रतिबन्ध लगाती होंगी। आपने ऐसे समुदायों को देखा भी होगा जो कि स्त्रियों को उनकी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं करने देते। या फिर हो सकता है कि आपने कुछ नारीवादी ग्रन्थ भी पढ़े हों।

परन्तु, स्त्रियों को इतनी स्पष्ट रूप से समृद्ध समाज की आधारशिला कहने वाला ग्रन्थ वेदों के अतिरिक्त आप कहीं नहीं पा सकते! वेद स्त्रियों को सर्वोच्च सम्मान और सम्पूर्ण अधिकार प्रदान करते हैं। कोई आधुनिक स्त्रीवादी ग्रन्थ इस उच्चता तक नहीं पहुँचता।

‘हिन्दू धर्म में नारी की महिमा’ यह पुस्तक – ‘हिन्दू धर्म को जानें’ इस श्रृंखला की तीसरी कड़ी है और नारी का महिमा गान करते हुए वैदिक मन्त्रों का संकलन है। जैसे –

-नारी मनुष्य की प्रथम शिक्षिका है और उस महान सहनशक्ति का प्रमाण है जो समाज के अस्तित्व के लिए अति आवश्यक है।

-एक सुशिक्षित नारी सशक्त समाज का निर्माण करती है और यदि स्त्रियां अशिक्षित रह जाएँ तो समाज में आसुरीपन बढ़ जाता है।

-मान लीजिए यदि कभी ऐसा हो कि धरती से सभी पुरुष लुप्त हो जाएँ, तब भी समाज जिन्दा रहेगा क्योंकि कई स्त्रियों के गर्भ में जीवन पल रहा होगा। परन्तु, यदि कभी सारी स्त्रियां विलुप्त हो जाएँ तो धरती से जीवन ही मिट जायेगा।

इस पुस्तक को पढ़ने पर आप यह जानेंगे कि मां, बहन, पत्नी और बेटी आपके जीवन में ईश्वर की सर्वोत्तम देन हैं। इस पुस्तक को पढ़कर समाज इस सच्चाई से अवगत होगा कि एक सुखी- समृद्धिशाली समाज बनाने के लिए स्त्रियों की करुणा, बुद्धिमत्ता और सबका ध्यान रखने की उनकी विशेषता कितनी आवश्यक है। साथ ही, राष्ट्रों के बीच की दूरियां घटाने में स्त्रियों की निर्णायक भूमिका से राष्ट्र भी अवगत होगा।

इस पुस्तक से प्राप्त होने वाली धनराशी का उपयोग स्त्रियों के सशक्तीकरण में किया जायेगा।

'श्रीमद्भगवद्गीता' आनन्दचिदघन, षडैश्वर्यपूर्ण, चराचरवन्दित, परमपुरुषोत्तम साक्षात् भगवान् श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी है। यह अनन्त रहस्यों से पूर्ण है। परम दयामय भगवान् श्रीकृष्ण की कृपा से ही किसी अंश में इसका रहस्य समझ में आ सकता है। जो पुरुष परम श्रद्धा और प्रेममयी विशुद्ध भक्ति से अपने हृदय को भरकर भगवद्गीता का मनन करते हैं, वे ही भगवत्कृपा का प्रत्यक्ष अनुभव करके गीता के स्वरूप की किसी अंश में झाँकी कर सकते हैं। अतएव अपना कल्याण चाहनेवाले नर-नारियों को उचित है कि वे भक्तवर अर्जुन को आदर्श मानकर अपने में अर्जुन के-से दैवी गुणों का अर्जन करते हुए श्रद्धा-भक्तिपूर्वक गीता का श्रवण, मनन, अध्ययन करें एवं भगवान् के आज्ञानुसार यथायोग्य तत्परता के साथ साधन में लग जायँ। जो पुरुष इस प्रकार करते हैं, उनके अन्तःकरण में नित्य नये-नये परमानन्ददायक अनुपम और दिव्य भावों की स्फुरणाएँ होती रहती हैं तथा वे सर्वथा शुद्धान्तःकरण होकर भगवान् की अलौकिक कृपासुधा का रसास्वादन करते हुए शीघ्र ही भगवान् को प्राप्त हो जाते हैं।
भारत के भूले बिसरे इतिहास से ली गईं छोटी-छोटी कहानियों का ये संग्रह रीढ़ की हड्डी में कंपकपी उत्पन्न कर देगा।

एक भारतीय बच्चा स्कूली इतिहास की किताबों में खतरनाक रूप से अजीब चीजें पढता है। एक झूठा प्रपंच उसको कंठस्थ करवाया जाता है कि हिन्दुओं पर इस्लामिक हमलावरों ने १००० साल तक राज किया।

इस्लामिक हमलावरों की चढ़ाई को उनके शासन का नाम दिया जाता है और उनकी तानाशाही शासन पद्धति को हिन्दू मुस्लिम मिश्रित संस्कृति का उदाहरण कहकर महिमा मंडित किया जाता है। आक्रमणकारियों को हमारा तारणहार बताया जाता है जबकि धरती के वो सपूत जो आज़ादी पाने के लिए उन आक्रमणकारियों से लड़े, उनको इतिहास की पुस्तकों ने बिलकुल ही नकार दिया है।

क्या आप जानते हैं?

१.एक हिन्दू रानी ने मुहम्मद गोरी 'विजेता' को अपनी जान बचाकर मुल्तान तक भागने के लिए मजबूर कर दिया था!

२.महारानी पद्मावती के आदेश पर एक राजपूत कमांडर ने अकेले ही सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की टुकड़ी को हरा दिया था और बाद में खिलजी को नग्नावस्था में अपनी जान की भीख मांगनी पड़ी!

३.एक  और हिन्दू रानी ने शाहजहां को अनेकों बार पराजित किया और हारी हुई मुग़ल सेना की नाक काटकर वापस भेजा!

४.एक राजपूत ने राजकुमार और रानी को दिल्ली से जोधपुर तक सुरक्षा दी और पूरे रास्ते उन्होंने औरंगजेब की बड़ी सेना के साथ लड़ते हुए प्राचीन ग्रीक के ३०० स्पार्टन के कारनामों को भी फीका कर दिया!

५.एक हिन्दू कमांडर था जिसे मुग़ल डर की वजह से ‘प्रेत’ कहते थे और जो अल्लाह की मर्जी के खिलाफ़ उनको हरा देता था!

६.एक राजपूत था जिसको कैद करने के लिए शेर का पिंजरा बनवाया गया क्योंकि मुग़ल उसके भारी भरकम डील-डौल से डरते थे!

७.पूरी पठान सेना ने एक हिन्दू खालसा कमांडर के आगे बिना लड़े ही आत्मसमर्पण कर दिया!

८.एक हिन्दू खालसा कमांडर ने १९ वीं सदी में जिहादियों द्वारा कब्जाई गई पूरी रियासत अफगानिस्तान तक जीत ली थी!

९.जब ब्रिटिश भारत आए तो लाहौर, पेशावर, रावलपिंडी और आज का अधिकांश पाकिस्तान हिन्दू राजाओं के अधीन था!

और बहुत कुछ ..

ये पुस्तक आपके आत्म सम्मान और गौरव को फिर से जगा देगी जो आप स्कूलों में गलत इतिहास पढ़ने की वजह से भूल गए हैं।

ये कहानी अपने बच्चों को सुनाएं - इससे पहले कि उनको स्कूलों में यह बताया जाए कि वो सदियों से गुलाम थे।

सच्चाई बहुत अलग और हैरान कर देने वाली है। उनको सही इतिहास बता कर बहादुर बनाइए - इससे पहले कि स्कूलों की फर्जी इतिहास की किताबें उनको मानसिक गुलाम बना दें।

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