प्रस्तुत ग्रन्थ मौलिक बंगला पुस्तक ‘स्वामी-शिष्य संवाद’ के दोनों खण्डों का अनुवाद है। बंगला पुस्तक भारत केसरी (The Lion of India) स्वामी विवेकानन्दजी के शिष्य श्री शरच्चन्द्र चक्रवर्ती द्वारा लिखी गयी थी। शिष्य के नाते श्री चक्रवर्तीजी का समय समय पर स्वामीजी से जो वार्तालाप हुआ था वह इस पुस्तक में उद्धृत है। यद्यपि इस वार्तालाप में मुख्यत: धार्मिक एवं आध्यात्मिक विषयों का समावेश है, तथापि साथ ही सामाजिक, आर्थिक, शिल्पकला एवं राष्ट्र सम्बन्धी अनेकानेक आवश्यक तत्त्वों पर भी प्रकाश डाला गया है। हमारे देश का पुनरुत्थान किस प्रकार हो सकता है तथा हम अपनी खोयी हुई मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति को फिर कैसे प्राप्त कर सकते हैं यह भी इसमें भलीभाँति दर्शाया गया है। शिष्य श्री चक्रवर्तीजी ने मौलिक बंगला पुस्तक लिखकर उसे स्वामीजी के अन्य साथी संन्यासीयों को भी दिखला ली थी तथा उनसे परामर्श प्राप्त किया था। इस प्रकार यह पुस्तक और भी अधिक विश्वसनीय हो गयी है।