आज आप सबके सामने अपनी अगली पुस्तक ‘का चुप साध रहा बलवाना' ला रहा हूं। एक अजीब सुखद अनुभूति हो रही है, इससे पहले आप सबके समक्ष हमारी कहानी संग्रह ‘झलक', ‘झरोखा', कविता संग्रह 'मेरी भावनाएं' बोलने की कला पर ‘आप भी बोल सकते हैं’। आप सब से जो प्यार व स्नेह समय-समय पर मिला उम्मीद है आगे भी बना रहेगा। यह पुस्तक पूरी तरह से शिक्षकीय जीवन में जो हमने अपने विद्यार्थियों को सुझाव व सलाह दिया, उसका संकलन है। यह एक तरह से संस्मरण है जो आप सबके लिए लाभप्रद हो सकता है। इस उम्मीद में आप सबके सम्मुख प्रस्तुत हैं।
आज आप सबके सामने अपनी अगली पुस्तक ‘का चुप साध रहा बलवाना' ला रहा हूं। एक अजीब सुखद अनुभूति हो रही है, इससे पहले आप सबके समक्ष हमारी कहानी संग्रह ‘झलक', ‘झरोखा', कविता संग्रह 'मेरी भावनाएं' बोलने की कला पर ‘आप भी बोल सकते हैं’। आप सब से जो प्यार व स्नेह समय-समय पर मिला उम्मीद है आगे भी बना रहेगा। ...