मा शारदा महाविदयालय, बदलखड वि ालय झासी स सबदध ह, यह झासी कबदध ह, यह झासी क परऋ सथित ह
महाविदयालय म सनातक सकाय(कला, वऍ िजञान), परारभिक नातक शिकषा शषा शषा सऍ िकषा सकाय सकाय क पाठयकरम सचिाचिाचि हл
मा शारदा महाविदयालय एक आदरश वाकऋाकऋ सदगमय, तमसो मा जयोतिरगमय” हл माथत यालय म शिकषा गरहण करन वाल था आशा की जाती ह कि वह अपन वयवहार चि वह अपन वयवहार चि वारा महाविदयालय क आदरश वाकय मिाकय म ना को कारय रप म परिणत करл महाविदयालय समाज का का ाघो हघो ा विभिनन जातियो, धरमो और सप०रथरपर तर-छातराए शिकषा गरहण करत हл हл टरीय वयकतितव एव चरितर की थतितव एव चरितर की थईा थशर छातर-छातराओ स यह भी अपकषा ह कह कािव यालय परिसर म सवसथ वातावरण का निरमाण कर, तभी वह एक आदरश छातछातब л