इस घडी १२ के ब्रह्म, अश्विनौ,,, पञ्चप्राणा:, षड्रसाः,,,,, ये सभी देवताओं अथवा का से १२, ११ रूद्र एवं कोटि
◆ 12:00 के स्थान आदित्या: लिखा हुआ, जिसका अर्थ सूर्य सूर्य 12 प्रकार के -,,, त्वष्टा,,,,,,
◆ 1:00 के स्थान है, इसका अर्थ है है -
:00 2:00 की स्थान पर लिखा
◆ 3:00 के स्थान पर त्रिगुणा: हुआ, जिसका तात्पर्य तीन हैं हैं -,
:00 4:00 के स्थान पर: हुआ, जिसका तात्पर्य चार हैं -,,
◆ 5:00 के स्थान पर पंचप्राणा: हुआ, जिसका तात्पर्य प्रकार हैं - अपान,,,
:00 6:00 के स्थान पर षड्र्सा: हुआ, इसका तात्पर्य रस रस 6 प्रकार के हैं-,,,,
:00 7:00 के स्थान पर सप्तर्षय: लिखा हुआ ऋषि ऋषि 7 हुए हैं - कश्यप,,,,,
◆ 8:00 के पर सिद्धिय: लिखा है है है - अणिमा,,, गरिमा,,, इशित्व
◆ 9:00 के पर द्रव्यणि अभियान कि कि 9 कि हैं - पद्म,,, शंख,,,,
◆ 10:00 के दशदिशः है, इसका तात्पर्य दिशाएं दिशाएं 10 है - पूर्व,,,,,,,,,
◆ 11:00 के रुद्रा: हुआ, इसका रुद्र रुद्र 11 प्रकार के -,,,, विलोहित,,,,
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16 డిసెం, 2022