जैन जिनवाणी वह दिव्य वाणी है जो भगवान तीर्थंकरों द्वारा कल्याणकारी लोकहित में दी गई। यह आत्मा को संसार के बंधनों से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाने वाला मार्ग है। यदि आप जैन धर्म में रुचि रखते हैं, आत्मज्ञान की तलाश में हैं, या जिनवाणी के अमृत को अपने जीवन में अपनाना चाहते हैं, तो यह ऐप आपके लिए एक आध्यात्मिक संबल बन सकता है।
🌟 जैन धर्म – एक परिचय:
जैन धर्म (Jainism), जिसे पारंपरिक रूप से जैन दर्शन या श्रमण परंपरा कहा जाता है, भारत की प्राचीनतम धर्म परंपराओं में से एक है। इसका मूल आधार है –
अहिंसा (Non-violence)
अनेकांतवाद (Non-absolutism)
अपरिग्रह (Non-possessiveness)
तप व संयम (Asceticism & Self-discipline)
जैन धर्म में "जिन" शब्द का अर्थ है – वह आत्मा जिसने अपने भीतर के सभी विकारों (राग, द्वेष, मोह, क्रोध, अहंकार, लोभ) को जीत लिया हो। ऐसे विजयी आत्मा को तीर्थंकर कहा जाता है, जिनके उपदेशों पर चलने वाले "जैन" कहलाते हैं।.
Jainism has between four and five million followers with most Jains residing in India. Outside India, some of the largest Jain communities are present in Canada, Europe, Kenya, the United Kingdom, Suriname, Fiji, and the United States. The two major sects of contemporary Jainism are Digambara and Śvētāmbara. Major Jain festivals include Paryushana and Daslakshana, Mahavir Jayanti, and Diwali.