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नवीन शिक्षा पश्चिमी दर्शन और साहित्य से प्रभावित है| उस में दिए गये विषय पश्चिमी साहित्य में उपलब्ध रहते हैं| हिंदी भाषी विद्यार्थी गूढ़ और अव्यक्त सिधान्तों को विदेशी भाषा में समझने से चूक जाते हैं| एक विशेष स्तर पर उन्हें अंग्रेज़ी में व्यक्त भावों को उसी भाषा में ही निपटना पड़ता है जहाँ वह खुद को ठगा सा पाते हैं| अगर एक ही बात उन्हें अंग्रेज़ी और हिंदी में पढ़ने को मिल जाय तो वह विश्वास से हर प्रश्न को निपटते हैं|


यहाँ इस पुस्तक में दो पुस्तकों का संकलन किया गया है| एक पुस्तक का शीर्षक है “आधुनिक भारत हिस्टोरियोग्राफी पर निबंध संग्रह”| इस पुस्तक का ASIN B081CZBCZR है| दूसरी पुस्तक का शीर्षक है “Essays on Modern India Historiography”| इस पुस्तक का ASIN B07WD4T2K3 है| दोनों पुस्तकों की विषय सामग्री एक ही है| इन में केवल भाषा का अंतर है| इस संकलन को ऊपर बताई धारना के अनुरूप किया गया है| ऐसा भारतीय छात्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए किया गया है|


इस पुस्तक में अध्यायों का निर्माण निम्नलिखित क्रम में किया गया है|


संदर्भ और प्रस्तावना


हिंदी संस्करण


अध्याय 1:


अध्याय 2:


अध्याय 3:


अध्याय 4:


अध्याय 5:


English Version


Chapter 6


Chapter 7


Chapter 8


Chapter 9


Chapter 10


ग्रन्थ सूची


Letter from the Desk of the Author


Publication details


About the Authors



पुस्तक में विश्व इतिहास की पांच घटनाओं का सीमित एवं स्पष्ट वर्णन है, और वे हैं गुप्त प्रणाली, विश्व युद्ध I – कारण और प्रभाव, पेरिस शांति संधि, रूसी क्रांति और चीन क्रांति के कारण 1911। इसलिए, इस पुस्तक में केवल पांच अध्याय हैं जो इस प्रकार हैं।



1. A – विश्व युद्ध I

- गुप्त संधि प्रणाली TREATY SYSTEM / त्रिपक्षीय गठजोड़ - TRIPLE ALLIANCEऔर त्रिपक्षीय समझौता - TRIPLE ENTENT


1. B

– विश्व युद्ध I - कारण और प्रभाव

1. C - पैरिस शांति संधि

2. रूसी क्रांति

3. चीन में राष्ट्रवाद - चीनी क्रांति के कारण 1911


पांचों घटनाओं को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, भारत, इतिहास

के विषय के लिए B. A. III सेमेस्टर VI के सिलेबस की आवश्यकता के अनुसार चुना गया है।


हर विषय का विवरण इस प्रकार लिखा गया है कि छात्रों को Point

Form में अपना उत्तर विकसित करने में मदद मिलेगी।


पांचों घटनाएं उपर्युक्त विश्वविद्यालय के सिलेबस के यूनिट II का हिस्सा हैं।


पुस्तक में दी गई सामग्री 2005 के बाद से लेखक के ब्लॉग पर भी उपलब्ध हैं। ब्लॉग पोस्ट

दुनिया की घटनाओं की व्याख्या पर पाठकों ने प्रशंसात्मक टिप्पणियां लिखी हैं, जिन्हें ब्लॉग के Comment Section की प्रविष्टियों के माध्यम से जांचा जा सकता है। ब्लॉग का पता www.undergraduatehistory.blogspot.com है।

पुस्तक में विश्व इतिहास की चार घटनाओं का सीमित एवं स्पष्ट वर्णन है, और वे हैं औद्योगिक  क्रांति, जर्मनी का एकीकरण, इटली का एकीकरण और नवीन साम्राज्यवाद। इसलिए, इस पुस्तक में केवल चार अध्याय हैं जो इस प्रकार हैं।



1.औद्योगिक क्रांति - इसके प्रभाव


2 - A. जर्मनी का एकीकरण


2 - B. इटली का एकीकरण – एक विहंगम टिप्पणी के साथ


3. नवीन साम्राज्यवाद


चारों घटनाओं को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, भारत, इतिहास के विषय के लिए B. A. III सेमेस्टर VI के सिलेबस की आवश्यकता के अनुसार चुना गया है।


हर विषय का विवरण इस प्रकार लिखा गया है कि छात्रों को Point Form में अपना उत्तर विकसित करने में मदद मिलेगी।




चारों घटनाएं उपर्युक्त विश्वविद्यालय के सिलेबस के यूनिट II का हिस्सा हैं।




पुस्तक में दी गई सामग्री 2005 के बाद से लेखक के ब्लॉग पर भी उपलब्ध हैं। ब्लॉग पोस्ट दुनिया की घटनाओं की व्याख्या पर पाठकों ने प्रशंसात्मक टिप्पणियां लिखी हैं, जिन्हें ब्लॉग के Comment Section की प्रविष्टियों के माध्यम से जांचा जा सकता है। ब्लॉग का पता www.undergraduatehistory.blogspot.com

है।



इसी विषय पर अंग्रेज़ी संकलन भी उपलब्ध है| 

पुस्तक में विश्व इतिहास की तीन घटनाओं का सिमित एवं स्पष्ट वर्णन है, और वे हैं अमेरिकी क्रांति, फ्रांसीसी क्रांति और वियना की कांग्रेस। इसलिए, इसमें केवल तीन अध्याय हैं जो इस प्रकार हैं।



1. अमेरिकी क्रांति


2. फ्रांसीसी क्रांति


3. वियना 1815 की कांग्रेस




तीनों घटनाओं को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, भारत, इतिहास के विषय के लिए B. A. III सेमेस्टर VI के सिलेबस की आवश्यकता के अनुसार चुना गया है। हर विषय का विवरण इस प्रकार लिखा गया है कि छात्रों को बिंदु प्रारूप में अपना उत्तर विकसित करने में मदद मिलेगी।




तीनों घटनाएं उपर्युक्त विश्वविद्यालय के सिलेबस के यूनिट I का हिस्सा हैं। इसी प्रकार, विश्व इतिहास की श्रृंखला दो में पाठ्यक्रम के यूनिट II से संबंधित अध्याय हैं, और विश्व इतिहास की श्रृंखला तीन यूनिट III में तीन अध्यायों से मेल खाती है।




पुस्तक में दी गई सामग्री 2005 के बाद से लेखक के ब्लॉग पर भी उपलब्ध हैं। ब्लॉग पोस्ट दुनिया की घटनाओं की व्याख्या पर पाठकों ने प्रशंसात्मक टिप्पणियां लिखी हैं, जिन्हें ब्लॉग के Comment Section की प्रविष्टियों के माध्यम से जांचा जा सकता है। ब्लॉग का पता www.undergraduatehistory.blogspot.com है।



इसी विषय पर अंग्रेज़ी संकलन भी उपलब्ध हैं| 

इतिहास को प्रभावी ढंग से पढ़ने के लिए, किसी को भी अपने जिज्ञासा के क्षेत्र की हिस्टोरिओग्राफ़ी की समझ होनी चाहिए। इतिहासलेखन इतिहास का वो अध्ययन है जैसा कि इतिहासकारों ने अध्ययन किया है।



पुस्तक में आधुनिक भारत के इतिहास लेखन पर पांच निबंध हैं। निबंध स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्रों के लिए लिखे गए हैं। यह नेट / यूजीसी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को भी लाभान्वित करेगा। यह उन स्थापित इतिहासकारों के बारे में जानने में मदद करेगा जिनके बारे में सवाल पूछे जाते हैं। यह छात्रों को पीएचडी के लिए आवश्यक पाठ्यक्रम कार्य के लिए भी मदद करेगा।


अध्यायों के शीर्षक इस प्रकार हैं:


1. अध्याय 1: आधुनिक भारत की ऐतिहासिकता - एक परिचय


2. अध्याय 2: आधुनिक भारत के साम्राज्यवादी इतिहासकार


3. अध्याय 3: आधुनिक भारत के राष्ट्रवादी इतिहासकार


4. अध्याय 4: आधुनिक भारत के मार्क्सवादी इतिहासकार


5. अध्याय 5: भारत में उपनिवेशवाद पर इतिहास लेखन


6. ग्रंथ सूची


इस पुस्तक का अंग्रेज़ी संस्करण ईबुक प्रारूप में उपलब्ध है।



इस का पेपरबैक भी उपलब्ध है। पेपरबैक का आईएसबीएन 9781085882729 है



यह पुस्तक Essays on The Modern India Historiography (ASIN: B07WD4T2K3 ) का ही एक रूप है| इस में English में लिखे matter का प्रति पैराग्राफ पर विचार सामग्री का हिंदी रूप भी दिया गया है| हिंदी सामग्री अलग में आधुनिक भारत हिस्टोरियोग्राफी पर निबंध संग्रह(ASIN: B081CZBCZR ) से ली गई है|


इस पुस्तक को द्विभाषी पुस्तक कहा है| यह कोई विलक्षण यां अटपटी कृति नहीं है| Gita Press Gorakhpur के द्वारा प्रकाशित संत तुलसी दास की लिखी रामचरित्र मानस में संत तुलसी की भाषा का हिंदी रूप हर चौपाई के बाद दिया गया है| उस के वाचन करता न केवल संत वाणी में परन्तु हिंदी में भी उसे पढ़ा करते और भजते हैं| सभी श्रधालुयों को अगर संत जी की बोली समझ नहीं आती पर फिर भी वह हिंदी में लिखी वाणी से राम गुणगान का सौभाग्य प्राप्त करते हैं| इसी प्रकार ऐसी कई प्रशस्तियाँ हैं जो एक ही बात को एक ही जगह पर दो अलग भाषाओं में प्रसारित करती हैं|



नवीन शिक्षा पश्चिमी दर्शन और साहित्य से प्रभावित है| उस में दिए गये विषय पश्चिमी साहित्य में उपलब्ध रहते हैं| हिंदी भाषी विद्यार्थी गूढ़ और अव्यक्त सिधान्तों को विदेशी भाषा में समझने से चूक जाते हैं| एक विशेष स्तर पर उन्हें अंग्रजी में व्यक्त भावों को उसी भाषा में ही निपटना पड़ता है जहाँ वह खुद को ठगा सा पाते हैं| अगर एक ही बात उन्हें अंग्रेज़ी और हिंदी में पढ़ने को मिल जाय तो वह विश्वास से हर प्रश्न को निपटते हैइतिहास को प्रभावी ढंग से पढ़ने के लिए, पाठक को अपने जिज्ञासा के क्षेत्र की हिस्टोरिओग्राफ़ी की समझ होनी चाहिए। इतिहासलेखन इतिहास का वो अध्ययन है जैसा कि इतिहासकारों ने अध्ययन किया है।



पुस्तक में आधुनिक भारत के इतिहास लेखन पर पांच निबंध हैं। निबंध स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्रों के लिए लिखे गए हैं। यह net/ यूजीसी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को भी लाभान्वित करेगा। यह उन स्थापित इतिहासकारों के बारे में जानने में मदद करेगा जिनके बारे में सवाल पूछे जाते हैं। यह छात्रों को पीएचडी के लिए आवश्यक पाठ्यक्रम कार्य के लिए भी मदद करेगा।


अध्यायों के शीर्षक इस प्रकार हैं:


1. अध्याय 1: आधुनिक भारत की ऐतिहासिकता - एक परिचय


2. अध्याय 2: आधुनिक भारत के साम्राज्यवादी इतिहासकार


3. अध्याय 3: आधुनिक भारत के राष्ट्रवादी इतिहासकार


4. अध्याय 4: आधुनिक भारत के मार्क्सवादी इतिहासकार


5. अध्याय 5: भारत में उपनिवेशवाद पर इतिहास लेखन


6. ग्रंथ सूची


इस पुस्तक का अंग्रेज़ी संस्करण का पेपरबैक भी उपलब्ध है। पेपरबैक का आईएसबीएन 9781085882729 है|

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The book contains two books. The books included in this title are “ The History of Constitution of India: The Charter Acts during the Company Rule in India 1773 – 1858”, ASIN no B07DFR9KD3 in English and “भारत के संविधान का इतिहास: भारत में कंपनी शासन के समय के चार्टर अधिनियम 1773 – 1858”, ASIN no B07FN71L62 in Hindi.


The book is published with the need of the students in India in mind. The Chapters are arranged as follows:


Preface

English Text

1. East India Company in Brief

2. Regulating Act of 1773

3. Pitts India Act 1784

4. Charter Act of 1793

5. Charter Act of 1813

6. Charter Act of 1833

7. Charter Act of 1853

8. Act of Better Government of India 1858


हिंदी संकरण

9• अध्याय 1: ईस्ट इंडिया कंपनी का संक्षिप्त इतिहास - East India Company in Brief


10• अध्याय 2: विनिमयन अधिनियम 1773 - Regulating Act 1773


11• अध्याय 3. पिट का इंडिया एक्ट 1784 - Pitt's India Act 1784


12• अध्याय 4. 1793 का चार्टर अधिनियम - Charter Act 1793


13• अध्याय 5. 1813 का चार्टर अधिनियम - Charter Act of 1813


14• अध्याय 6. 1833 का चार्टर अधिनियम - Charter Act of 1833


15• अध्याय 7. 1853 का चार्टर अधिनियम - Charter Act of 1853


16• अध्याय 8. बेहतर भारत सरकार अधिनियम 1858 - Act of Better Government of India 1858


17. Appendix I: A Bibliographic Note


18. Appendix II: A Letter from the Desk of the Author

भारत के संविधान का इतिहास - भारत में कंपनी शासन के समय के चार्टर अधिनियम 1773 - 1858 एक Textbook है।


यह पुस्तक आप को विविध प्रश्नों का उत्तर आसानी से तैयार करने में बहुत उपयोगी होगी | 1773 का कानून, 1784 का पिट का भारत कानून, 1813 और 1833 का तुलनात्मक अध्ययन आसानी से तैयार किया जा सकता है | 1858 के बाद कानूनों पर समीक्षा लिखने के लिए भी यह पुस्तक उपयोगी है | यह पुस्तक आप के पुस्तक संग्रह में बनी रहनी चाहिये |


पुस्तक की अंतर्वस्तु इस प्रकार है।


• अध्याय 1: ईस्ट इंडिया कंपनी का संक्षिप्त इतिहास - East India Company in Brief


• अध्याय 2: विनिमयन अधिनियम 1773 - Regulating Act 1773


• अध्याय 3. पिट का इंडिया एक्ट 1784 - Pitt's India Act 1784


• अध्याय 4. 1793 का चार्टर अधिनियम - Charter Act 1793


• अध्याय 5. 1813 का चार्टर अधिनियम - Charter Act of 1813


• अध्याय 6. 1833 का चार्टर अधिनियम - Charter Act of 1833


• अध्याय 7. 1853 का चार्टर अधिनियम - Charter Act of 1853


• अध्याय 8. बेहतर भारत सरकार अधिनियम 1858 - Act of Better Government of India 1858


• परिशिष्ट I - Appendix I: Bibliography Note


• परिशिष्ट II - Appendix II: A Letter from the Desk of the Author

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